पाठ्यक्रम: GS2/ शासन
समाचार में
- युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग अधिनियम, 2022 में प्रस्तावित संशोधनों को जन परामर्श हेतु प्रस्तुत किया है।
- इन संशोधनों का उद्देश्य संगठित डोपिंग गतिविधियों को अपराध घोषित करना है, जिसमें तस्करों, सिंडिकेटों, कोचों और आपूर्तिकर्ताओं को लक्षित किया जाएगा, न कि उन खिलाड़ियों को जो प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन के कारण दोषी पाए जाते हैं।
डोपिंग के बारे में
- डोपिंग का अर्थ है खिलाड़ियों द्वारा अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त करने हेतु प्रतिबंधित प्रदर्शन-वर्धक पदार्थों या तरीकों का उपयोग करना।
- वैश्विक स्तर पर इसका संचालन विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) द्वारा किया जाता है, जिसकी स्थापना 1999 में हुई थी।
- WADA प्रतिबंधित सूची बनाए रखती है, जिसमें एनाबॉलिक स्टेरॉयड, EPO, उत्तेजक पदार्थ, मूत्रवर्धक और आवरणकारी एजेंट शामिल हैं।
- भारत में राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) एंटी-डोपिंग ढांचे को लागू करती है तथा राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (NDTL) परीक्षण करती है।
- भारत यूनेस्को अंतर्राष्ट्रीय खेलों में डोपिंग विरोधी अभिसमय का हस्ताक्षरकर्ता है।
प्रमुख प्रस्तावित संशोधन
- संगठित डोपिंग गतिविधियों का अपराधीकरण: ध्यान केवल खिलाड़ियों पर नहीं बल्कि डोपिंग नेटवर्क पर केंद्रित होगा।
- प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी और आपूर्ति पर दंड: अवैध तस्करी, आपूर्ति या वितरण को आपराधिक दंड मिल सकता है।
- सहायक कर्मियों की जवाबदेही: कोच, प्रशिक्षक, चिकित्सक या अन्य सहयोगी जो जानबूझकर प्रतिबंधित पदार्थ देते हैं, उन पर कानूनी कार्रवाई होगी।
- नाबालिगों की सुरक्षा: 18 वर्ष से कम आयु के खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ देने पर कठोर दंड का प्रावधान।
- संगठित वाणिज्यिक संचालन पर कार्रवाई: डोपिंग गतिविधियों से लाभ कमाने वाले सिंडिकेटों पर आपराधिक दायित्व।
- बिक्री और प्रचार का विनियमन: गलत लेबल वाले प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री और विज्ञापनों के माध्यम से डोपिंग को बढ़ावा देने पर दंड।
भारत में डोपिंग बने रहने के कारण
- दूषित सप्लीमेंट्स: सप्लीमेंट बाजार का अपर्याप्त नियमन, निम्न गुणवत्ता वाले उत्पाद आसानी से खिलाड़ियों तक पहुँचते हैं।
- जागरूकता की कमी: कई खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थों की सूची से अनभिज्ञ रहते हैं।
- सामाजिक-आर्थिक दबाव: ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए खेल गरीबी से निकलने का साधन है; सार्वजनिक रोजगार और कोटा जैसी सुविधाएँ प्रदर्शन के लिए दबाव बढ़ाती हैं।
- संस्थागत कमियाँ: NADA को 2022 तक विधायी समर्थन नहीं था।
- सीमित WADA-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएँ: परीक्षण में विलंब।
प्रस्तावित संशोधनों का महत्व
- ध्यान व्यक्तिगत खिलाड़ियों से हटकर संगठित आपराधिक नेटवर्क पर केंद्रित।
- कमजोर खिलाड़ियों को शोषण से बचाव।
- खेल शासन और अखंडता को सुदृढ़ करना।
- अंतर्राष्ट्रीय खेलों में भारत की विश्वसनीयता बढ़ाना।
भारत में प्रमुख एंटी-डोपिंग उपाय
- राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA): परीक्षण, जांच, जागरूकता कार्यक्रम और नियमों का कार्यान्वयन।
- राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (NDTL): खिलाड़ियों के नमूनों का वैज्ञानिक विश्लेषण।
- नो योर मेडिसिन (Know Your Medicine) ऐप: खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थों वाली दवाओं की पहचान में सहायता।
- थेरेप्यूटिक यूज़ एग्जेम्प्शन [Therapeutic Use Exemption (TUE)]: वास्तविक चिकित्सीय स्थिति वाले खिलाड़ियों को निर्धारित शर्तों के अंतर्गत प्रतिबंधित पदार्थों के उपयोग की अनुमति।
Source: TH
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